Jharkhand Mega Exam Shock: 2013 से लेकर अब तक की दर्जनों JPSC और JSSC CGL परीक्षाएं रद्द! जानें सरकार के बड़े फैसले

 🚨 Jharkhand Mega Exam Shock: 2013 से लेकर अब तक की दर्जनों JPSC और JSSC CGL परीक्षाएं रद्द! जानें सरकार के बड़े फैसले

झारखण्ड में लंबे समय से चल रहे छात्रों के प्रदर्शन और परीक्षाओं में धांधली की लगातार उठ रही शिकायतों के बाद, राज्य सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। 18 अगस्त 2026 को झारखण्ड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने एक आधिकारिक अधिसूचना (Official Notice) जारी कर दी है, जिसने राज्य के लाखों छात्रों को चौंका दिया है।  

CID और SIT की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर, 2013 से लेकर 2026 तक की कई बड़ी परीक्षाओं को या तो रद्द कर दिया गया है, या उन पर CID जांच बैठा दी गई है।  

आइए इस आधिकारिक अधिसूचना की अहम बातों को विस्तार से समझते हैं:

🛑 सबसे बड़ी खबर: JSSC CGL 2023 रद्द

छात्रों के बीच सबसे चर्चित JSSC CGL (Advt. No. 10/2023) परीक्षा को रद्द कर दिया गया है।  

यह निर्णय परीक्षा में अनियमितता की शिकायतों के बाद गठित SIT (Special Investigation Team) की रिपोर्ट और JPSC मामलों में चल रहे CID अनुसंधान के तथ्यों को ध्यान में रखकर लिया गया है।  

❌ JPSC की वर्तमान परीक्षाएं हुईं रद्द

TDPL और अन्य एजेंसियों के माध्यम से आयोजित हो रही JPSC की कई वर्तमान और बैकलाग परीक्षाओं को सरकार ने तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इनमें प्रमुख हैं:  

झारखण्ड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025 (Advt. No.- 01/2026)।  

झारखण्ड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (बैकलॉग)-2025 एवं 2023।  

सिविल जज (जूनियर डिवीजन) 2023।  

असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फारेस्ट और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (2024)।  

फूड सेफ्टी ऑफिसर, चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर (CDPO) और अन्य कई महत्वपूर्ण पद।  

इसके अलावा विश्वविद्यालयों में नॉन-टीचिंग पद और सरकारी कॉलेजों में लेक्चरर/असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियां भी रद्द कर दी गई हैं।  

🔍 2013 से 2022 तक की परीक्षाओं पर CID जांच के आदेश

सरकार ने सिर्फ नई परीक्षाओं पर ही नहीं, बल्कि पुरानी भर्तियों पर भी नकेल कसी है। कुल 17 पुरानी परीक्षाओं में संभावित गड़बड़ी की जांच अब अपराध अनुसंधान विभाग (CID) करेगा। इनमें शामिल हैं:  

5वीं संयुक्त सिविल सेवा (2013)।  

संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा- 2016 और 2021।  

सिविल जज (2015 और 2018)।  

फूड सेफ्टी ऑफिसर (2016) और असिस्टेंट इंजीनियर (2019) सहित कई अन्य परीक्षाएं।  

⏸️ कुछ प्रारंभिक परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित

जिन परीक्षाओं में शुरुआती काम TDPL से अलग एजेंसी द्वारा किया गया था, उनके एजेंसी के Credentials की भी CID जांच होगी।  

फूड एनालिस्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, बॉयलर इंस्पेक्टर और फैक्ट्री इंस्पेक्टर जैसी परीक्षाओं के कार्य को अगले आदेश तक के लिए स्थगित (Postpone) कर दिया गया है।  

⚖️ आगे क्या? छात्रों के लिए सरकार के 3 बड़े 'Reform' फैसले

लगातार हो रही पेपर लीक और धांधली से निपटने के लिए झारखण्ड सरकार के मंत्रिपरिषद ने कुछ कड़े फैसले भी लिए हैं:

Fast Track Court: JPSC और JSSC में अनियमितता एवं कदाचार के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए माननीय उच्च न्यायालय से फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court) गठित करने का अनुरोध किया जाएगा।  

Internal Vigilance: दोनों आयोगों (JPSC/JSSC) में अब एक आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ (Internal Vigilance Cell) का गठन होगा, ताकि भविष्य में गड़बड़ियों को रोका जा सके।  

Exam Reform Committee: परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार (Exam Reform) के लिए आईएएस श्री अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय कमिटी बनाई जाएगी। इस समिति में प्रतिष्ठित संस्थानों के निदेशक भी शामिल होंगे और यह कमिटी मात्र दो महीने में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।  


निष्कर्ष:

यह फैसला उन लाखों छात्रों के लिए एक मिला-जुला पल है जो सालों से तैयारी कर रहे थे। एक तरफ परीक्षाओं के रद्द होने से सालों की मेहनत और समय का नुकसान हुआ है, लेकिन दूसरी तरफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट और नई रिफॉर्म कमिटी का गठन एक पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त सिस्टम की उम्मीद जगाता है।

आप इस बड़े फैसले के बारे में क्या सोचते हैं? क्या ये रिफॉर्म्स झारखण्ड के छात्रों का भविष्य बदल पाएंगे? अपने विचार कमेंट्स में जरूर शेयर करें!


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