JPSC और JSSC परीक्षाओं पर बड़ा संकट: CGL रद्द होने के बाद क्या अन्य परीक्षाएं भी होंगी प्रभावित?
झारखंड के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए पिछले कुछ दिन काफी उथल-पुथल भरे रहे हैं। JSSC CGL परीक्षा में अनियमितताओं (Irregularities) के खुलासे और छात्र आंदोलनों/अभ्यर्थियों की लगातार मांगों को देखते हुए सरकार ने सीजीएल परीक्षा को पहले ही रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। इसके साथ ही विवादित परीक्षा संचालन एजेंसी TDPL (टीडीपीएल) के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई विशेष कैबिनेट बैठक के बाद JPSC और JSSC की कई अन्य प्रक्रियाओं पर भी गाज गिरी है।
आइए विस्तार से समझते हैं कि कौन-सी परीक्षाएं प्रभावित हुई हैं, सरकार का रुख क्या है और आपकी पसंदीदा भर्ती का भविष्य किस ओर जा रहा है।
1. JSSC CGL पर कार्रवाई और JPSC की दर्जन भर परीक्षाएं रद्द / स्थगित
छात्रों के भारी विरोध, अनियमिताओं की पुष्टि और एजेंसी की संदिग्ध भूमिका के सामने आने के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाया है:
- JSSC CGL रद्द: छात्रों की मांगों को पूरा करने और धांधली की शिकायतों के चलते सीजीएल परीक्षा को रद्द किया गया, साथ ही इसके तहत हुई सशर्त नियुक्तियों की भी सीआईडी जांच चल रही है।
- 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक/मुख्य परीक्षा: कुल 103 पदों के लिए आयोजित प्रक्रिया पर रोक।
- सिविल सेवा बैकलॉग PT (2023 एवं 2025): 7 पद और 45 पदों के लिए आयोजित परीक्षाएं स्थगित।
- फॉरेस्ट रेंज अफसर (170 पद) एवं सहायक वन संरक्षक (78 पद): शारीरिक जांच व आगे की प्रक्रियाएं स्थगित।
- सहायक लोक अभियोजक (APP) नियमित एवं बैकलॉग: 134 नियमित और 26 बैकलॉग पदों की प्रक्रिया प्रभावित।
- सिविल जज जूनियर डिवीजन (138 पद): मुख्य परीक्षा/परिणाम प्रक्रिया पर असर।
इसके अलावा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), कारखाना निरीक्षक, वाष्पित्र निरीक्षक जैसी कई अन्य नियुक्तियां भी जांच के दायरे में हैं।
2. मुख्यमंत्री और कैबिनेट का सख्त रुख
प्रोजेक्ट भवन में चली मैराथन बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कड़ा संदेश दिया है:
2014 से अब तक की नियुक्तियों की जांच: गड़बड़ी पाए जाने पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा।
जांच कमेटी का गठन: हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच कमेटी और सुधारों के लिए IPS अधिकारी अमिताभ कौशल के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया गया है।
1975 से अधिक पदों पर असर: विभिन्न विभागों में संदेहास्पद प्रक्रिया के तहत हुए चयनों की पूरी पड़ताल CID और SIT के माध्यम से कराई जा रही है।
3. सबसे बड़ा सवाल: क्या JSSC PGT (स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक) परीक्षा भी रद्द होगी?
अभ्यर्थियों के बीच इस समय सबसे ज्यादा चर्चा और असमंजस JSSC PGT (Post Graduate Trained Teacher) भर्ती को लेकर है। सोशल मीडिया और कई हलकों में यह कयास लगाए जा रहे थे कि क्या CGL की तरह PGT परीक्षा भी रद्द होने वाली परीक्षाओं की सूची में शामिल हो जाएगी?
आधिकारिक स्पष्टीकरण (Official Clarification) क्या कहता है?
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा जारी आधिकारिक सूचना (दिनांक 26.07.2026) के अनुसार:
आयोग ने स्पष्ट किया है कि स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा–2023 (PGTCE-2023), CGL-2023 और अन्य तकनीकी परीक्षाओं के आयोजन अथवा संचालन में TDPL एजेंसी का कोई संबंध/सहमति नहीं रही है।
आयोग ने पहले ही उक्त एजेंसी को डी-एम्पैनल (De-empanel) कर दिया था और स्पष्ट किया है कि अखबारों में PGT सहित इन परीक्षाओं में एजेंसी की भूमिका को लेकर प्रकाशित खबरें भ्रामक एवं तथ्यहीन हैं।
निष्कर्ष: क्या निकलेगा इसका परिणाम?
एक तरफ जहां छात्रों की मांग और अनियमितताओं के कारण JSSC CGL को रद्द किया गया तथा JPSC की कई परीक्षाएं एजेंसी के सीधे हस्तक्षेप के कारण स्थगित हुईं।
हालाँकि, जिस तरह से राज्य में 2014 के बाद की सभी प्रक्रियाओं की व्यापक और गहन जांच की बात चल रही है, ऐसे में यह देखना बेहद अहम होगा कि आने वाले समय में जांच कमेटियों और सरकार की अंतिम रिपोर्ट क्या रुख अपनाती है। अभ्यर्थियों के लिए फिलहाल सबसे उचित यही होगा कि वे सोशल मीडिया की अफवाहों से दूर रहकर आयोग के आधिकारिक नोटिफिकेशन्स पर ही भरोसा रखें।

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